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।। श्रीः ।।
श्रीमद्दैवज्ञ श्रीवराहमिहिराचार्येण विरचितम्
बृहज्जातकम् श्रीभट्टोत्पलसंस्कृतव्याख्यया
तथा केदारदत्त-हिन्दी व्याख्ययोपेतम्
व्याख्याकारः
केदार जोशी
मोतीलाल बनारसीदास दिल्ली वाराणसी पटना बंगलौर मद्रास कलकत्ता
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